Friday, July 25, 2008

आंसू


उस दिन जब मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ा ,
तो तुमने कहा..... नही..
और चंद आंसू जो तुम्हारी आँखों से गिरे..
उन्होंने भी कुछ नही कहा... न तो नही ... न तो हाँ ..
अगर आंसुओं कि जुबान होती तो ..
सच झूठ का पता चल जाता ..
जिंदगी बड़ी है .. या प्यार ..
इसका फैसला हो जाता...

3 comments:

  1. अगर आंसुओं कि जुबान होती तो ..
    सच झूठ का पता चल जाता ..
    जिंदगी बड़ी है .. या प्यार ..
    इसका फैसला हो जाता...

    वाह जी विजय जी अच्‍छा लिखा आपने

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  2. सच कहा....
    बहुत अच्छा लिखा है, प्रशंसनिए

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  3. khubsurat bhav.....badi saralta se piroye hain aapne..

    ...Ehsaas!

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