Wednesday, July 22, 2009

तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...

तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...


एक सपने में कोई आधी -अधूरी आस जगी
कहीं किसी खेत में सरसों की उवास चली
मेरे साँसों में तेरी सांस कैसे मिली ....
तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना .....

ज़िन्दगी की राह बदल गयी....
आसमान से एक बादल का टुकडा टुटा
तेरे नाम से उसने मेरा पता पुछा ..
तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...

मेरे तन से तेरी खुशबू कैसे छूटी.......
मिटटी की गंध ने तेरे घर का पता दिया
मेघो ने तेरे आंसुओ पर मेरा नाम लिखा ..
तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...

मेरे लबो पर तेरे होंठो की ये मुहर कैसी ..
सूरज की किरणों ने एक जाल बुना
चाँद ने उस पर सितारों की चादर बिछाई ..
तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...

मेरे साये की तस्वीर में तेरा रंग ये कैसा...
कि , एक बैचेनी सी आँखों में है छायी ..
कि , मन ने कहा , तू बहुत उदास है ..
कि , तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना .....
क्योंकि ; मैंने भी तुझे याद किया है….

हाँ , मैंने भी तुम्हे बहुत याद किया है !!!

21 comments:

  1. बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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  2. bahut hi sundar bhaaw ......bahut hi sundar rachana

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  3. vaah विजय जी............. मन को छूते हुवे गुज़र गयी aapki कविता........... सच में किसी को याद करो तो lagta hai jaise vo kaheen aas paas hi hai........... komal bhaavon se sajee lajawaab rachna

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  4. वाह विजय जी.. प्रेम की इस अभिव्यक्ति को आपने बहुत ही सहजता के साथ सुंदर तरीके से पेश किया .. आभार

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  5. प्रणाम विजय जी एक बार फिर नत मस्तक हूँ सरल शब्दों में मिलन के भावो की पराकास्ठा देखनी हो तो आप की कविता में देखे एक एक शब्द में मिलन की गहराई और हर मोड़ पर प्रेम की टेस भी है आत्म मिलन और निज सम्मिलन को यादो के साथ जोड़ कर एक रूपता का जो आप ने प्रदर्शन किया है अद्भुद है मेरा प्रणाम स्वीकार करे
    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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  6. bahut hi gahre bhavon ko saral shabdon mein badi hi sadgi sa bayan kar diya...........lajawaab,amazing,marvellous.

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  7. vijay ji,
    ek baat mai aapse kahana chahata hoon..aap vicharo ke sagar hai..
    itane sundar vichar aapne apni kavitaon me piro late hai ki man prasann ho jata hai..
    dil kahata hai baar baar padhu..
    pahale ki kavitaon ki tarah ye bhi

    bemishal..
    bejod
    behatreen

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  8. प्रेम रस मे डूबी खूबसूरत अभिव्यक्ति बहुत बहुत बधाई

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  9. दिल कि रूमानियत को बयां करती है आपकी रचना...सुंदर भाव

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  10. साधारण सुन्दर शब्दों से आपने प्यार के जज्बातों को बडी खूबसूरती से लिख कर दिया।

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  11. zindagi ki raah hi badal gayi


    waaqai mein bahut hi behtareen creation.....

    A+++++++++++++++++++++++

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  12. याद तो हमने भी किया लेकिन किसी को पता ना चल...
    सुंदर रचना...
    मीत

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  13. vijay ji
    bahut sundar bhaon ko saral shabdon
    mein pesh kiya hai
    badhai

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  14. sundar likha hai !! badhai !!

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  15. aap bahut doob kar likhate hain warna itane gahre bhaav laana asambhav hai.

    bhaayi aisa mat likha kariye .

    kuchh kuchh hota hai....

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  16. BAHUT KHOOBSURAT RACHNA...................SATPATHI JI BADHAI.

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  17. जी हाँ जरुर पुकारा होगा.... नहीं तो ये रचना कैसे दिल से निकलती....
    खूबसूरत हवा के झोंके की तरह...
    मीत

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  18. बहुत अच्छे भाव. अच्छा लगा पढ कर.

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